CSR के तहत ऊर्जा सचिव अजय यादव ने 12 जिलों के आवासीय कन्या विद्यालयों को सौंपे 72 स्मार्ट टीवी

पटना।दिनांक: 05 अगस्त 2026 शिक्षा में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की है।

ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव (भा.प्र.से.) ने बुधवार को साउथ बिहार के 12 जिलों में संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय (+2) उच्च विद्यालयों के लिए 72 स्मार्ट टीवी पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक को सौंपे। इस अवसर पर एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.) भी उपस्थित थे।

एसबीपीडीसीएल की पहल: 54 लाख रुपये की लागत से छात्राओं को मिलेगी स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग की सुविधा

54 लाख की परियोजना से 12 जिलों को लाभ
एसबीपीडीसीएल द्वारा इस परियोजना पर लगभग 54 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन संचालित 12 कन्या आवासीय विद्यालयों को 65 इंच के कुल 72 स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए हैं।

लाभार्थी जिले:
अरवल, पटना, भागलपुर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुंगेर, नालंदा, नवादा, रोहतास, शेखपुरा एवं औरंगाबाद
प्रत्येक जिले के विद्यालय को 6-6 स्मार्ट टीवी दिए गए हैं।

छात्राओं को मिलेंगे ये फायदे

  • विद्यालयों में आधुनिक स्मार्ट क्लास की स्थापना
  • ई-लर्निंग कंटेंट और डिजिटल शिक्षण सामग्री तक सीधी पहुंच
  • मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी
  • विशेषज्ञों के व्याख्यान और शैक्षणिक वीडियो का प्रसारण

अजय यादव ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। CSR के माध्यम से एसबीपीडीसीएल की यह पहल छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे प्रतिस्पर्धी युग के लिए तैयार हो सकेंगी।

सौरव जोरवाल ने कहा कि एसबीपीडीसीएल बिजली सेवा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है। शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में की गई यह पहल वंचित वर्ग की छात्राओं को तकनीक से जोड़कर उनके भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को 26.02.2026 को संपन्न BSPHCL के निदेशक मंडल की बैठक में समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति दी गई थी।


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