पटना, 30 मई 2026 :बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड आवास खाली करने का नोटिस भेजना एनडीए सरकार की ओछी मानसिकता और लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ आचरण का प्रमाण है।

राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को लोक-लाज का भी ख्याल नहीं रहा। लोक-लाज के बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है।
*मुख्य बिंदु :*
– *20 साल का वास, अब अचानक आपत्ति क्यों?*
राबड़ी देवी पिछले 20 वर्षों से 10, सर्कुलर रोड में रह रही हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं और वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में अचानक यह आवास बदलने का तुगलकी फरमान क्यों?
– *नियम सबके लिए एक होने चाहिए*
जब 1977 से विधानसभा अध्यक्ष के लिए कर्णांकित 2, देशरत्न मार्ग बंगला मंत्री को आवंटित हो सकता है,
जब उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, सर्कुलर रोड को मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा बनाया जा सकता है,
जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई सांसदों को दिल्ली के साथ पटना में भी बड़े बंगले दिए जा सकते हैं,
तो फिर सिर्फ राबड़ी देवी के लिए ही अलग नियम क्यों?
– *विपक्ष का सम्मान ही लोकतंत्र का सम्मान*
संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सत्ता पक्ष जितनी ही महत्वपूर्ण है। नेता प्रतिपक्ष के साथ यह निकृष्ट व्यवहार सरकार की तानाशाही मानसिकता दर्शाता है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि यह सवाल केवल एक आवास का नहीं, लोकतांत्रिक मर्यादा, पारदर्शिता और एकरूपता का है। सरकार मनमाने तरीके से नियम बनाकर, मनमानी व्याख्या कर विपक्ष को अपमानित नहीं कर सकती। एनडीए सरकार को याद रखना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती, पर लोकतांत्रिक परंपराएं स्थायी होनी चाहिए।
