पटना, 16 जून 2026
पटना नगर निगम ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की है। निगम अब आधुनिक तरीकों से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराएगा।

अभियान की मुख्य बातें:
- डॉग स्क्वॉड का गठन: निगम ने प्रशिक्षित कर्मियों की 5 टीमें बनाई हैं। हर टीम में डॉग कैचर, पशु चिकित्सक और एक निगम अधिकारी शामिल होंगे।
- हेल्पलाइन नंबर जारी: नागरिक 155304 पर कॉल कर अपने इलाके में आवारा कुत्तों की सूचना दे सकेंगे। शिकायत के 48 घंटे के अंदर कार्रवाई का दावा किया गया है।
- ABC नियमों का पालन: पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के बाद उन्हें उसी इलाके में छोड़ा जाएगा, जहाँ से पकड़ा गया था। यह Animal Birth Control Rules 2023 के तहत किया जाएगा।
- पहले चरण में 8 वार्ड: कंकड़बाग, पटना सिटी, बांकीपुर, पाटलिपुत्र, राजीव नगर समेत 8 सबसे ज्यादा प्रभावित वार्डों में अभियान शुरू होगा।

नगर आयुक्त ने क्या कहा
नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने बताया, “पिछले 6 महीने में डॉग बाइट के 2100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। हमारा मकसद लोगों को सुरक्षित माहौल देना और कुत्तों के साथ मानवीय व्यवहार करना दोनों है। किसी भी कुत्ते को शहर से बाहर नहीं छोड़ा जाएगा।”
NGO की मदद भी ली जाएगी
निगम इस काम के लिए पशु कल्याण संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा। पकड़े गए कुत्तों को फिलहाल फुलवारीशरीफ स्थित शेल्टर होम में रखा जाएगा। निगम का लक्ष्य अगले 3 महीने में 5000 कुत्तों की नसबंदी का है।
स्थानीय लोगों ने निगम के इस कदम का स्वागत किया है। विभा गुप्ता कहती हैं, “बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। उम्मीद है अब राहत मिलेगी।”
निगम ने लोगों से अपील की है कि वे आवारा कुत्तों के साथ क्रूरता न करें और पकड़ने की प्रक्रिया में सहयोग करें।
पटना से पारस नाथ गुप्ता की खास रिपोर्ट ।
