राज्य के 3.36 लाख ट्रांसफॉर्मर का होगा नियमित ‘हेल्थ चेकअप’अंतिम उपभोक्ता तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना प्राथमिकता: ऊर्जा मंत्री

पटना। 24 जुलाई 2026, बिहार में विद्युत आपूर्ति को और भरोसेमंद बनाने के लिए राज्य के सभी 3.36 लाख वितरण ट्रांसफॉर्मरों का नियमित तकनीकी ‘चेकअप’ अभियान चलाया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की अध्यक्षता में शुक्रवार को विद्युत भवन, पंचम तल पटना में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक का शुभारंभ ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार, ऊर्जा सचिव एवं बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव, बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल और बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

बैठक के मुख्य निर्णय

1. नियमित जांच और अनुरक्षण
राज्यभर में ट्रांसफॉर्मरों, विद्युत लाइनों और अन्य संरचनाओं का समयबद्ध परीक्षण और अनुरक्षण अनिवार्य होगा। उद्देश्य है समय रहते खराबी पहचान कर अंतिम उपभोक्ता तक निर्बाध बिजली पहुंचाना।

2. जवाबदेही और ऑनलाइन निगरानी
ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि अनुरक्षण कार्य को पूरी तरह तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए निरीक्षण और अनुरक्षण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और सभी स्तरों पर निर्धारित निरीक्षण प्रणाली का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

3. फीडबैक पर त्वरित कार्रवाई
टोल फ्री नंबर 1912, सहयोग शिविर और ऑनलाइन माध्यम से मिली उपभोक्ता शिकायतों और फीडबैक का नियमित विश्लेषण कर तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डेटा आधारित कार्य संस्कृति अपनाकर उपभोक्ता सुविधा बढ़ाने पर जोर रहा।

4. निरीक्षण का तय रोस्टर

  • प्रत्येक माह 33% वितरण उपकेंद्रों का निरीक्षण कनीय विद्युत अभियंता करेंगे। इसमें 10% का निरीक्षण सहायक विद्युत अभियंता और 5% का निरीक्षण कार्यपालक अभियंता करेंगे।
  • सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों का मासिक निरीक्षण सहायक विद्युत अभियंता करेंगे। इसमें 20% का निरीक्षण कार्यपालक अभियंता और 5% का निरीक्षण अधीक्षण अभियंता करेंगे।
  • कनीय और सहायक अभियंताओं को क्षेत्र भ्रमण कर संरचनाओं को सुरक्षित रखने, कार्यपालक अभियंताओं को समयबद्ध मरम्मत और अधीक्षण अभियंताओं को सामग्री उपलब्धता व निगरानी की जिम्मेदारी दी गई।

5. सुरक्षा और एसओपी
ब्रेकडाउन पर मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार तुरंत बिजली बहाली, 33 केवी, 11 केवी और एलटी लाइनों तथा ट्रांसफॉर्मरों का नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। ढीले तारों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए ताकि शॉर्ट सर्किट और आग की घटना न हो।

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि फीडर, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए। ट्रांसफॉर्मर को केवल उपकरण नहीं, बल्कि व्यवस्था का अभिन्न अंग मानकर देखभाल की जाए।

बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि ट्रांसमिशन नेटवर्क के उपकरणों की नियमित जांच से उनकी कार्यक्षमता और उम्र बढ़ेगी और तकनीकी खराबी समय पर पकड़ी जा सकेगी।

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल ने कहा कि निवारक अनुरक्षण, डिजिटल मॉनिटरिंग और एसओपी आधारित काम से ब्रेकडाउन घटेंगे और आपूर्ति और विश्वसनीय होगी।

बैठक के अंत में बीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने सभी अधिकारियों का आभार जताया और निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया।

बैठक में राज्यभर के क्षेत्रीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। इस अवसर पर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के निदेशक परियोजना विजय कुमार, बीएसपीएचसीएल के प्रशिक्षण समन्वयक-सह-सलाहकार अशोक कुमार सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!