पटना। बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों के क्षमता संवर्द्धन की दिशा में एक अहम पहल करते हुए मंगलवार को मुख्य सचिवालय के सभाकक्ष में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने ‘Essential Companion of An AIS Officer’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक मुख्य जाँच आयुक्त निदेशालय, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रकाशित की गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग डॉ बी राजेन्दर के स्वागत संबोधन से हुई। महानिदेशक-सह-मुख्य जाँच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने पुस्तक का परिचय देते हुए बताया कि यह अखिल भारतीय सेवा के नए एवं सेवारत अधिकारियों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा अनुशासनिक कार्रवाईयों के प्रभावी संचालन के उद्देश्य से तैयार की गई है।
*पुस्तक की मुख्य विशेषताएं:*
– लोक सेवाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का समावेश
– अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 एवं आचरण नियमावली, 1968 की विस्तृत जानकारी
– अभियोजन स्वीकृति संबंधी प्रावधान और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अपील एवं समीक्षा से जुड़े वर्ष 2023, 2024 व 2025 के नवीनतम परिपत्र
– सेवा मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का संकलन
पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसे अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा, “यह संकलित और अद्यतन सामग्री अधिकारियों को सेवा नियमों, अनुशासनिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक निर्णयों की बेहतर समझ देगी। मुख्य जाँच आयुक्त के नेतृत्व में टीम डॉक्यूमेंटेशन, ट्रेनिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। यह प्रयास आने वाली पीढ़ी के अधिकारियों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।”

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि पुस्तक का प्रकाशन प्रशासनिक क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इसे सेवा नियमों और प्रक्रियाओं की समग्र जानकारी देने वाली उपयोगी मार्गदर्शिका के रूप में देखा जा रहा है।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
