पटना, 08 जुलाई 2026 182-बांकीपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के उप निर्वाचन 2026 के लिए उपयोग होने वाले EVM और VVPAT का पहला रैंडमाइजेशन मंगलवार को पटना में संपन्न हुआ। जिला निर्वाचन पदाधिकारी की देखरेख में यह प्रक्रिया सभी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई।

कहां और कैसे हुआ रैंडमाइजेशन
पहला रैंडमाइजेशन 08 जुलाई 2026 को अपराहन 3:00 बजे N.I.C. वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल, समाहरणालय सभा कक्ष, पंचम तल, पटना में हुआ। यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के EVM Management System – EMS पोर्टल के माध्यम से की गई।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि FLC यानी प्रथम स्तरीय जांच में सही पाए गए EVM और VVPAT को विधानसभावार यादृच्छिक रूप से आवंटित किया गया।
कौन-कौन रहे मौजूद
रैंडमाइजेशन के दौरान 182-बांकीपुर के निर्वाची पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता, पटना सदर के साथ सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इनमें बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, CPI-M, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी, लोजपा रामविलास, राजद और CPI-ML लिबरेशन के प्रतिनिधि शामिल रहे।
आगे क्या प्रक्रिया होगी
रैंडमाइजेशन के बाद आवंटित EVM और VVPAT की हस्ताक्षरित सूची सभी दलों के प्रतिनिधियों को दी गई। अब जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा ये मशीनें बांकीपुर के निर्वाची पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद सभी मशीनों को मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्धारित स्ट्रॉग रूम में रखा जाएगा।
निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची अंतिम होने के बाद, पहले रैंडमाइजेशन में चयनित EVM और VVPAT की सूची अभ्यर्थियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी, पटना ने कहा कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।
- ऊर्जा सचिव: बिहार बना देश का लीडर, 92 लाख प्रीपेड मीटर से रचा रिकॉर्ड।
- प्रमंडलीय आयुक्त ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का लिया जायजा
- CSR के तहत ऊर्जा सचिव अजय यादव ने 12 जिलों के आवासीय कन्या विद्यालयों को सौंपे 72 स्मार्ट टीवी
- 2019-2026 में 36 देशों से 274 भगोड़े वापस लाए गए, प्रत्यर्पण बना राष्ट्रीय प्राथमिकता
- मेयर ने कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों से की बैठक, तीन मांगों पर बुधवार को होगी स्थायी समिति में चर्चा
