पटना। 27 जुलाई 2026 बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा एवं विद्युत उपकरणों की चोरी/क्षति की घटनाओं की समीक्षा के उपरांत ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) अजय यादव (भा.प्र.से.) ने सोमवार को सभी संबंधित अधिकारियों को विद्युत परिसंपत्तियों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

समीक्षा में पाया गया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के तार, वितरण ट्रांसफॉर्मर, मीटर एवं अन्य विद्युत उपकरणों की चोरी एवं क्षति की घटनाएं बढ़ी है। इन घटनाओं से न केवल बिजली कंपनियों को आर्थिक क्षति हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी विद्युत संरचनाओं, ग्रिड सब-स्टेशनों, विद्युत उपकेंद्रों, फीडरों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर विद्युत उपकरणों की क्षति एवं चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने संवेदनशील एवं संदिग्ध क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रमंडल, अवर प्रमंडल, ग्रिड उपकेंद्र अथवा विद्युत शक्ति उपकेंद्र के क्षेत्राधिकार में विद्युत उपकरणों की चोरी अथवा क्षति की घटना की रोकथाम में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक विद्युत अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता एवं अन्य संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इन घटनाओं की प्रभावी निगरानी एवं समीक्षा के लिए बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) तथा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के लिए संबंधित मुख्य सुरक्षा पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

नामित नोडल पदाधिकारी नियमित रूप से प्रमंडलों, अवर प्रमंडलों, ग्रिड उपकेंद्रों एवं विद्युत शक्ति उपकेंद्रों का निरीक्षण करेंगे, चोरी एवं क्षति से संबंधित दर्ज प्राथमिकी की समीक्षा करेंगे तथा प्रत्येक सप्ताह संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे। साथ ही सभी कंपनियों को इस संबंध में की गई कार्रवाई का मासिक प्रतिवेदन ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

ऊर्जा सचिव ने कहा कि राज्य की विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा, उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की आधारशिला है। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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