पटना, 10 जून 2026: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर आज पटना समाहरणालय में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक हुई। बैठक में परीक्षा को कदाचारमुक्त, पारदर्शी और सुविधायुक्त माहौल में संपन्न कराने पर जोर दिया गया।

95 केंद्र, 46,029 परीक्षार्थी
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 46,029 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अन्य जिलों में भी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे ‘गरिमापूर्ण परीक्षा’ बताते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

NTA के निर्देशों का सख्ती से पालन
बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, SDO, SDPO, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, रेलवे, एयरपोर्ट और डाक विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया और अंतर-विभागीय समन्वय से उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि उच्चतम स्तर से तैयारियों का सतत अनुश्रवण किया जा रहा है।
मालप्रैक्टिस पर FIR, कोचिंग संस्थान बंद
- किसी भी प्रकार का मालप्रैक्टिस मिलने पर तुरंत FIR दर्ज होगी।
- परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
- सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी होगी। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए।
अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
- मुफ्त बस सेवा: BSRTC की बसों में सभी परीक्षार्थियों के लिए यात्रा निःशुल्क। DTO को पर्यवेक्षण का जिम्मा।
- बुनियादी सुविधाएं: हर केंद्र पर शुद्ध पेयजल, वेटिंग एरिया, मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहेगी।
- अभिभावकों के लिए: भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों से 100 मीटर बाहर छायादार स्थल की व्यवस्था।
- यातायात व भीड़ प्रबंधन: रेलवे स्टेशन पर सुदृढ़ व्यवस्था, सुचारू यातायात संचालन के निर्देश।

कंट्रोल रूम सक्रिय, जीरो टॉलरेंस नीति
परीक्षा के दिन जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 क्रियाशील रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना 0612-2219810 / 2219234, डायल-112 या पुलिस कंट्रोल रूम 9031825979 पर दी जा सकती है।

जिलाधिकारी व SSP ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप पूरा प्रशासनिक तंत्र सजग है। परीक्षा की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा। किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पर जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
SDO और SDPO को परीक्षा के दिन सतत भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को मानकों के अनुसार दंडाधिकारियों व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने को कहा गया है।
