बिहार 24 लाइव न्यूज़ डेस्क पटना // पारस नाथ गुप्ता !
पटना, 04 जुलाई 2026 बिहार ने विद्युत क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। 3 जुलाई 2026 की रात 10:58 बजे राज्य ने 9,155 मेगावाट की सर्वाधिक पीक डिमांड सफलतापूर्वक पूरी की। रिकॉर्ड मांग के बावजूद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलती रही।

अजय यादव ऊर्जा सचिव सह सीएमडी
10 साल में 5 गुना बढ़ी मांग
एक दशक पहले बिहार की अधिकतम बिजली मांग करीब 1,800 मेगावाट थी। अब यह बढ़कर 9,100 मेगावाट से अधिक हो गई है। पहले साल में एक बार दर्ज होने वाली पीक अब कई बार पार हो रही है। इसके बावजूद विद्युत प्रणाली बिना बड़े व्यवधान के मांग का प्रबंधन कर रही है।

शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ऊर्जा मंत्री , बिहार
विकास का प्रतीक बनी बढ़ती मांग
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग बिहार में तेजी से हो रहे चहुंमुखी विकास का परिचायक है। उन्होंने कहा, “बिहार बिजली के क्षेत्र में पूरे देश को नई दिशा दिखा रहा है। सरकार लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस उपलब्धि के लिए ऊर्जा परिवार के सभी सदस्यों को बधाई।”
मजबूत हुआ नेटवर्क
ऊर्जा विभाग के सचिव सह BSPHCL के सीएमडी अजय यादव ने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण नेटवर्क की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। आधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रभावी लोड मैनेजमेंट और तकनीकी निगरानी से पीक समय में भी ग्रिड स्थिर बना रहा।

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उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों पर आधारित ग्रिड प्रबंधन के कारण बिहार लगातार रिकॉर्ड पीक डिमांड संभाल रहा है। उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा देने के लिए शिकायत निवारण तंत्र को भी सशक्त किया गया है।
घरेलू से लेकर कृषि तक बढ़ी खपत
राज्य में घरेलू, औद्योगिक, शहरी और कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। नए उद्योग, शहरों का विस्तार, वाणिज्यिक गतिविधियां और सिंचाई के लिए विद्युत संसाधनों के बढ़ते उपयोग से खपत लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार से घरेलू उपभोग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
24×7 निगरानी और हेल्पलाइन सक्रिय
ऊर्जा विभाग और विद्युत कंपनियां पूरे तंत्र की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। तकनीकी चुनौतियों का पहले से आकलन कर व्यवस्था की जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1912 हेल्पलाइन और राज्यभर में फ्यूज कॉल सेंटर सक्रिय हैं, जहां शिकायतों का त्वरित निवारण किया जा रहा है।
