पटना, 04 जुलाई 2026 अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन और न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार सरकार 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन में इसकी घोषणा की।

सम्मेलन की मुख्य बातें:
1. 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध मामलों में स्पीडी ट्रायल और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। सरकार इसके लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।

2. हर माह पटना में ‘सहयोग शिविर‘
अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वे लोग शामिल होंगे जिनके आवेदन का निष्पादन प्रखंड स्तर पर हो चुका है लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रखंड स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग कार्यक्रम चलता है। इसमें 30 दिनों के अंदर आवेदन निपटाने का नियम है। 31वें दिन निपटारा न होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित अधिकारी के निलंबन का आदेश जारी होगा।

3. नए कानूनों का तकनीक और AI से क्रियान्वयन
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण से लागू करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।

4. पुलिस और आपातकालीन सेवा को आधुनिक बनाना
- थानों को सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित किया जा रहा है
- फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फॉरेंसिक वैन को मजबूत किया गया है
- 112 आपातकालीन सेवा का रिस्पांस टाइम 10 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट करने का लक्ष्य
- महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेज के आसपास विशेष व्यवस्था

5. न्यायपालिका-प्रशासन में बेहतर समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा जब जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बढ़े। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच नियमित समन्वय बैठकें होंगी ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावी हो सके।

सम्मेलन में कौन रहे मौजूद:
बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान और बिहार न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में हुए सम्मेलन को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एन. कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संबोधित किया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के आयुक्त, आईजी, डीआईजी और डीएम भी जुड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा और राज्य सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा।
