जलछाजन विकास कार्यक्रम को मिली नई रफ्तार, ₹66.15 करोड़ स्वीकृत

बिहार 24 लाइव न्यूज़ डेस्क पटना // पारस नाथ गुप्ता !

पटना | 16.07.2026 बिहार सरकार ने जल, मृदा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जलछाजन विकास घटक के तहत ₹66.15 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ सिंचाई पर नहीं, बल्कि टिकाऊ खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है।

कहां-कहां होंगे काम
स्वीकृत राशि का उपयोग राज्य के चयनित जलछाजन क्षेत्रों में किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:

  • मृदा संरक्षण: मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए मेड़बंदी और नाला उपचार
  • जल संचयन: खेत-तालाब निर्माण, चेक डैम और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण
  • हरित आवरण: बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण
  • सुदृढ़ीकरण: पहले से बनी संरचनाओं की मरम्मत और मजबूती

किसानों और गांवों को क्या फायदा
मंत्री ने बताया कि इन कार्यों से तीन बड़े लाभ होंगे:

  1. पानी की उपलब्धता: वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा, जिससे सूखे के समय भी खेती को सहारा मिलेगा
  2. उत्पादन में स्थिरता: मिट्टी की उर्वरता सुधरेगी और फसल उत्पादन अधिक स्थिर होगा
  3. आय के नए स्रोत: पशुपालन और उद्यानिकी जैसी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

सिन्हा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए काम कर रही हैं। जलछाजन आधारित विकास प्रधानमंत्री के जल संरक्षण और खेत संरक्षण के संकल्प को भी मजबूती देगा।
मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत राशि का उपयोग तय दिशा-निर्देशों के अनुसार समय पर और गुणवत्ता के साथ किया जाए। कार्यों की नियमित निगरानी, स्थल निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा भी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि योजना का लाभ अधिकतम किसानों और जलछाजन क्षेत्रों के परिवारों तक पहुंच सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!