BERC के निर्देश पर NBPDCL और SBPDCL ने लागू की नई व्यवस्था, आवेदन के समय ही मिलेगी शुल्क की स्पष्ट जानकारी

पटना। 29 जुलाई 2026 नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए सेवा संयोजन (सर्विस कनेक्शन) शुल्क निर्धारित कर दिए हैं। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के निर्देशों के अनुपालन में लागू की गई इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को आवेदन के समय ही कनेक्शन पर होने वाले खर्च की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।


नई व्यवस्था के तहत विद्युतीकृत क्षेत्रों में एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज तथा एचटी श्रेणी के 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन निर्धारित शुल्क के आधार पर जारी किए जाएंगे। इससे कनेक्शन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होगी।

निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क इस प्रकार हैं—
एलटी (LT) सिंगल फेज (7 किलोवाट तक सभी श्रेणीयां): 3 किलोवाट तक ₹900 प्रति किलोवाट तथा 3 किलोवाट से अधिक भार पर ₹2,700 के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,000।

एलटी (LT) 3 फेज (5 से 19 किलोवाट): 5 किलोवाट तक ₹4,500 तथा 5 किलोवाट से अधिक भार पर ₹4,500 के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,500।

एलटी (LT) 3 फेज (20 से 44 किलोवाट): 20 किलोवाट तक ₹21,000 तथा 20 किलोवाट से अधिक भार पर ₹21,000 के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹2,000।

एचटी (HT) श्रेणी उपभोक्ता (45 से 150 किलोवाट): ₹7,000 प्रति किलोवाट की दर से सर्विस कनेक्शन शुल्क देय होगा।

दोनों बिजली वितरण कंपनियों द्वारा उपरोक्त वर्णित राशि के भुगतान उपरांत तकनीकी आवश्यकता के अनुसार विद्युत मीटर (प्वाइंट ऑफ सप्लाई) तक विद्युत संरचना (सर्विस तार सहित) उपलब्ध कराते हुए उपभोक्ताओं को नया विद्युत संबंध स्थापित किया जाएगा।

इस संबंध में दोनों वितरण कंपनियों ने अपने सभी विद्युत आपूर्ति अंचलों, प्रमंडलों एवं उपप्रमंडलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नए बिजली कनेक्शन जारी करते समय बिहार विद्युत विनियामक आयोग के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नए विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए अंचलवार एजेंसियों का चयन कर लिया गया है।

इस निर्णय से नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया और अधिक स्पष्ट एवं पारदर्शी होगी। साथ ही, शुल्क पहले से निर्धारित होने के कारण उपभोक्ताओं में किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा और उन्हें समयबद्ध एवं सुगम तरीके से नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध हो सकेंगे।

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