132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन और दो 50 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर हुए ऊर्जान्वित

पटना। 30 जुलाई 2026 बिहार के विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) ने 29 जुलाई 2026 को नालंदा जिले के 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र, चंडी का सफलतापूर्वक ऊर्जान्वित (चार्जिंग) कर दिया। इसके साथ ही 132 केवी डबल सर्किट चंडी–हरनौत ट्रांसमिशन लाइन तथा 50 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर भी चालू कर दिए गए।

इस परियोजना के शुरू होने से चंडी, चैनपुर, बिरनावां, नगरनौसा, नूरसराय, भोभी, इंदौत, दियावां और थरथरी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी।

ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार यादव (भा. प्र. से.) ने कहा कि राज्य में मजबूत और आधुनिक विद्युत अवसंरचना विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। चंडी ग्रिड उपकेंद्र का चालू होना गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे राज्य के विकास को और गति मिलेगी।

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी (भा. प्र. से.) ने कहा कि चंडी ग्रिड उपकेंद्र के चालू होने से नालंदा जिले की ट्रांसमिशन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी, वोल्टेज में सुधार होगा तथा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी।

इसके अलावा, नए ग्रिड उपकेंद्र के चालू होने से क्षेत्र में बढ़ते घरेलू, कृषि, व्यावसायिक एवं औद्योगिक विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। ट्रांसमिशन नेटवर्क पर भार का संतुलन बनेगा, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या में कमी आएगी और भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

राज्य सरकार प्रदेश में विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। नए ग्रिड उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

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